बहरैन में मानवाधिकार आयोग के प्रमुख ने कहा है कि इस देश के शासक मानवाधिकारों को कोई महत्व नहीं देते हैं। नबील रजब ने प्रेस टीवी के साथ साक्षात्कार में बहरैन में मानवाधिकार के बारे में आले ख़लीफ़ा के दृष्टिकोणों के बारे में कहा कि इस देश के शासक बहरैनी जनता के अधिकारों को कोई महत्व नहीं देते हैं। उन्होंने बल देकर कहा कि बहरैन की स्थिति अब भी संकटग्रस्त है एक ओर लोग गुट- गुट में सड़कों पर प्रदर्शन करके आले ख़लीफ़ा की तानाशाही सरकार की समाप्ति की मांग कर रहे हैं और दूसरी ओर आले ख़लीफ़ा की सरकार लोगों की हत्या, दमन और गिरफ्तारी जारी रखकर मानवाधिकारों का हनन कर रही है। नबील रजब ने कहा कि हर रात आले ख़लीफ़ा के दमनकारी सुरक्षा बल बहरैन के विभिन्न क्षेत्रों में आक्रमण करते हैं और निर्दोष लोगों के घरों के भीतर आंसू गैस के गोले छोड़ते हैं तथा लोगों को उनके घरों से बाहर निकाल कर प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने कहा कि बहरैन के लोगों को मारना- पीटना और उन्हें प्रताड़ित करना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है पंरतु जैसाकि देखा जा रहा है पश्चिम सऊदी अरब के साथ सहकारिता करके मुसलमानों को एक दूसरे की हत्या के लिए उकसा रहा है।(एरीब डाट आई आर के धन्यवाद के साथ)
समाचार समाप्त
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