आयतुल्लाह ख़ातेमी ने ईरान के विरुद्ध पश्चिम के प्रतिबंधों की समाप्ति को नवें संसदीय चुनाव में जनता की भारी उपस्थिति की पहली उपलब्धि और अमरीकी षड्यंत्रों की विफलता बताया है।
तेहरान की केंद्रीय नमाज़े जुमा आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी की इमामत में अदा की गई। उन्होंने नमाज़े जुमा के ख़ुतबों में ईरान के हालिया संसदीय चुनाव में जनता की भरपूर उपस्थिति के अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव के बारे में कहा कि पश्चिम द्वारा ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों को समाप्त किया जाना, इन चुनावों के संबंध में अमरीका व युरोपीय देशों की बौखलाहट को दर्शाता है। उन्होंने दो मार्च को हुए संसदीय चुनाव में भारी संख्या में जनता की उपस्थिति को इस्लामी गणतंत्र ईरान के विरुद्ध शत्रुओं के षड्यंत्रों के संबंध में ईरानी राष्ट्र का ठोस उत्तर बताया। आयतुल्लाह ख़ातेमी ने कहा कि वर्चस्ववादी व्यवस्था के मुक़ाबले में ईरानियों के संकल्प और प्रतिरोध ने सदैव ही पश्चिम को अपनी वर्चस्ववादी नीतियों से पीछे हटने पर विवश किया है। उन्होंने इसी प्रकार इस बात का उल्लेख करते हुए युरोपीय देशों के वर्तमान आर्थिक संकट ने उन्हें दीवालिया होने की कगार पर पहुंचा दिया है, कहा कि ईरान के तेल पर प्रतिबंध से पश्चिमी देशों को पछतावे के अतिरिक्त और कुछ प्राप्त नहीं हुआ है।