यमन की डेमोक्रेटिक पार्टी ने क्षेत्र की समस्त क्रांतियों के लिए ईरान की इस्लामी क्रांति को सर्वोत्तम उदाहरण बताया है। पार्टी के उप प्रमुख अहमद अलफ़क़ीह ने अलआलम टीवी चैनल से साक्षात्कार में कहा कि ईरान की इस्लामी क्रांति क्षेत्र के समस्त जनांदोलनों के लिए सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने यमन में कुछ दिग्भ्रमित पार्टियों के जनक्रांति में शामिल हो जाने को चिंताजनक बताया और आशा जताई है कि यह जनक्रांति अपने सही मार्ग से नहीं हटेगी और यमनी राष्ट्र स्वतंत्रता एवं स्वाधीनता के अपने लक्ष्य को प्राप्त करके रहेगा। उन्होंने कहा कि यमन के पूर्व तानाशाह अब्दुल्लाह सालेह ने इस देश की सम्पत्ति को खूब लूटा है और नई सरकार के सत्ता में आ जाने के बाद यमन के लोग पहले से अधिक निर्धन हो गये हैं। ज्ञात रहे कि यमन के लोगों ने पिछले जनवरी महीने से सालेही की ३३ वर्षीय तानाशाही के विरुद्ध क्रांति आरंभ की थी और सालेह ने अमेरिका एवं सऊदी अरब की योजना के अनुसार गत फरवरी में सत्ता छोड़ दी थी जिसके बदले में उन्हें क़ानूनी संरक्षण मिल गया गया है।
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