ज़ायोनी शासन ने दावा किया है कि मस्जिदुल अक़सा अतिग्रहित क्षेत्रों का अभिन्न हिस्सा है। फ़िलिस्तीन अल-यौम समाचार के अनुसार ज़ायोनी रेडियो ने कहा है कि मस्जिद अक़सा इजरायल की धरती का हिस्सा है जिसे उससे कभी अलग नहीं किया जा सकता इसी आधार पर इजरायल के कानून विशेषकर ऐतिहासिक आसार के बारे में जो नियम हैं, इस मस्जिद के बारे में भी लागू होने चाहिए। ज़ायोनी शासन ने फ़िलिस्तीन पर कब्जा करने के बाद बैतुल मुक़द्दस और मस्जिदुल अक़सा पर पूरा कब्जा करने का षड़यंत्र तैयार कर रखा हैं और उन पर अमल कर रही है. ज़ायोनी शासन ने बैतुल मुक़द्दस में गली कूचों और स्थानों के अरबी नाम बदल कर हीब्रू नाम रख दिए हैं।
ज़ायोनी शासन के क़ानूनी सलाहकार यहूदा वाइन्श्टाइन ने कहा कि इस्राईली पुलिस और पुरातत्व अवशेषों से संबंधित ज़िम्मेदारों को चाहिये कि वे मस्जिदुल अक्सा और उसके पास के क्षेत्रों पर गहरी दृष्टि रखें। यहूदा वाइन्श्टाइन ने इसी प्रकार ज़ायोनी अधिकारियों से मांग की है कि वे मस्जिदुल अक्सा के समीप परवर्तनों के संबंध में इस्राईली मंत्रिमंडल के समक्ष एक रिपोर्ट पेश करें।
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