लेबनान के पूर्व राष्ट्रपति अमीन पियर जेमाएल ने कहा है सीरिया में अशांति से इस्राईल को लाभ मिलेगा। प्रेस टीवी से विशेष साक्षात्कार में लेबनान के पूर्व राष्ट्रपति जेमाएल ने कहा कि फ़ार्स की खाड़ी के कुछ अरब देश सीरिया-ईरान गठजोड़ को प्रभावित करने तथा इस्राईल के हितों के लिए सीरिया में सशस्त्र गुटों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहाः यह सब जानते हैं कि ईरान-सीरिया में गठजोड़ है इसी प्रकार यह बात भी सब जानते हैं कि फ़ार्स की खाड़ी में कुछ अरब देशों की ईरान से नहीं बनती इसलिए हो सकता है कि ये तत्व इन अरब देशों को सीरिया में सशस्त्र विद्रोहियों का समर्थन करने के लिए उकसाते हों। लेबनान के पूर्व राष्ट्रपति ने सीरिया की अशांत स्थिति से इस्राईल के हितों के संबंध में कहाः सीरिया को थकाने और उसकी बिगड़ती स्थिति में इस्राईल का हित है। जितना सीरिया थकेगा उतना ही इस्राईल के हित में है। जितना सीरिया में विनाश होगा उतना ही उसकी इस्राईल से टकराने की क्षमता प्रभावित होगी और यह इस्राईल के लिए बिना किसी क्षति के सफलता है। ज्ञात रहे बुधवार को दमिश्क़ में सीरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुख्यालय में एक आतंकवादी बम आक्रमण में सीरिया के रक्षा मंत्री, उपरक्षा मंत्री और उपराष्ट्रपति के सहायक हताहत हो गए जबकि गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख घायल हो गए। सीरिया के विदेश समर्थित आतंकवादी गुट फ़्री सीरियन आर्मी ने इस आतंकवादी बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है और कहा है कि यह श्रंख्लाबद्ध आक्रमणों का पहला आक्रमण था। ज्ञात रहे सीरियाई राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र संघ व अरब लीग के संयुक्त दूत कूफ़ी अन्नान की शांति योजना के प्रति कटिबद्धता दिखाते हुए नगरों व क़स्बों से सेना को वापस बुला लिया था किन्तु कुछ क्षेत्रीय, अरब और पश्चिम समर्थित आतंकवादी इस स्थिति का दुरुपयोग करते हुए नगरों व क़स्बों में जनसंहार करने लगे। सीरियाई राष्ट्रपति ने सुधार लाने से संबंधि अपने वचनों को एक के बाद एक पूरा करते हुए सीरियाई संसद का बहुदलीय चुनाव आयोजित कराया। पश्चिमी देश सीरिया के मामले में बढ़ चढ़ कर बोल रहे हैं किन्तु जब सउदी अरब और बहरैन की बात आती है तो मौन धारण कर लेते हैं जबकि सउदी अरब और बहरैन में प्रजातंत्र की मांग को लेकर जनता के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का दमन किया जा रहा है।
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