इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा है कि पिछले 32 वर्षों में अपने उद्देश्यों की प्राप्ति में वास्तविकता का प्रदर्शन, ईरानी राष्ट्र और इस्लामी व्यवस्था की सफलता का रहस्य है।
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने कल रात सरकारी अधिकारियों की बैठक में ईरानी राष्ट्र और इस्लामी व्यवस्था की निर्णायक ऊर्जा और क्षमताओं पर बल देते हुए दुश्मन की जटिल चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक और अनावश्यक मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों की प्राप्ति में वास्तविकता का प्रदर्शन, दरअस्ल जागरूकता के साथ साथ संघर्ष है जिसके लिए जनता को सही जानकारी प्रदान करना और सभी क्षेत्रों में अधिकारियों की आपसी हमदर्दी, संवेदना और सहयोग आवश्यक है।
आपने राष्ट्रीय गरिमा, ईमान से सरशार जीवन, सरकार में जनता की भागीदारी, वैश्विक प्रगति, आर्थिक और राजनीतिक संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और महानता को जनता की वास्तविक मांगों में गिनते हुए कहा कि जनता की यह मांगे वास्तव में इस्लामी क्रांति ही के लक्ष्य है जिससे मालूम होता है कि अपने लक्ष्यों को पूरा करने और वास्तविकता में कोई मतभेद नहीं है।
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