ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने कहा है कि ज़ायोनी सरकार अमेरिका के लिए वबाले जान बन चुकी है और तिलाबीब नीतियाँ क्षेत्र में अमेरिका के हित में नहीं हैं।
फ़ार्स समाचार रिपोर्ट के अनुसार मेहमान परस्त ने बीजिंग में विश्व अनुसंधान केंद्र और सामाजिक विज्ञान केंद्र में शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मध्य पूर्व क्षेत्र पर अमरीका के वर्चस्व के उद्देश्यों में ज़ायोनी शासन को सुरक्षा प्रदान करना भी शामिल है. मेहमान परस्त ने उत्तर अफ्रीका और मध्य पूर्व में इस्लामी जागरूकता की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि इस समय अमेरिका और ज़ायोनी शासन तथा उनके सहयोगियों ने सीरिया के खिलाफ एक भरपूर युद्ध छेड़ रखा है।
उन्होंने सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि कूफ़ी अन्नान के इस्तीफे के बारे में कहा कि अमेरिका और कुछ पश्चिमी देश सीरिया में कूफ़ी अन्नान के छह सूत्री योजना से किसी भी तरह से खुश नहीं थे क्योंकि सीरिया के सम्बंध में अमेरिका की मूल नीति शांति स्थापित करना नहीं बल्कि अशांति फैलाना है और जब भी कूफ़ी अन्नान की योजना सफल होते दिखाई दी अमेरिका ने आतंकवादियों को हथियार पहुंचा कर सीरिया में अशांति फैलाना शुरू कर दी। इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मध्य पूर्व और फ़ार्स की खाड़ी में अमेरिका की नीतियों को रोकने की जरूरत है और स्वतंत्र और प्रभावशाली देशों को अमेरिका के मुक़ाबिले में अपनी ऐतिहासिक भूमिका निभानी चाहिए।
समाचार समाप्त
.....
166